महाकवि भारवि रचित अद्भुत श्लोक#संस्कृत की विशेषता #न नोननुन्नो नुन्नोनो

★संस्कृत भाषा का महाकवि भारवि रचित अद्भुत श्लोक ★
किरातार्जुनीय काव्य संग्रह में केवल "न" व्यंजन से अद्भुत श्लोक बनाया है और गजब का कौशल्य  प्रयोग करके भारवि नामक महाकवि ने थोड़े में बहुत कहा है:-

*न नोननुन्नो नुन्नोनो नाना नाना नना ननु।*
*नुन्नोSनुन्नो ननुन्नेनो नानेना नन्नुनन्नुनुत्।।*

   ◆  अर्थात्  जो मनुष्य युद्ध में अपने से दुर्बल मनुष्य के हाथों घायल हुआ है वह सच्चा मनुष्य नहीं है। ऐसे ही अपने से दुर्बल को घायल करता है वो भी मनुष्य नहीं है। घायल मनुष्य का स्वामी यदि घायल न हुआ हो तो ऐसे मनुष्य को घायल नहीं कहते और घायल मनुष्य को घायल करें वो भी मनुष्य नहीं है।।

       

  पाणिनीय व्याकरणम्
Vimal pathak
   

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